चीन – नेपाल की गहराती दोस्ती

चीन से खतरा – १

वैसे तो चीन की तेरहवी पंचवर्षीय योजना (२०१६ – २०२०) में यह रेल रूट पहले से था, जिसकी आज आधिकारिक रूप से घोषणा हुई

.China Nepal Rail Link

नेपाल के प्रधानमंत्री श्री खड्ग प्रसाद ओली इस समय चीन में हैं. और चीन अपनी शानदार मेहमाननवाजी उनके सामने प्रदर्शित कर रहा हैं. उसी के तहत आज चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग और ओली की बैठक के बाद यह घोषणा के गई की चीन सन २०२० के पहले तक नेपाल की सीमा को छूते हुए रेल नेटवर्क खड़ा करेगा. तिब्बत में ल्हासा से आगे गयी रेल लाइन शिगात्से से भी आगे जाकर गियरोंग को जोड़ेगी.

यह अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना हैं. जिस गियरोंग को शिगात्से से जोडनेकी बात चीन कर रहा हैं, उनके बीच का सड़क का अंतर ४८० किलोमीटर हैं. यह पूरा तिब्बती क्षेत्र हैं. अत्यधिक ऊँचाई पर हैं, इसलिए ऑक्सीजन की कमी रहती हैं. पहाड़ी दुर्गम क्षेत्र हैं. ऐसे स्थान पर मात्र चार / पांच वर्षों में लगभग साढ़े चार सौ किलोमीटर की रेल लाइन डालना यह सोच ही अद्भुत हैं..!

चीन नक्शा - तिब्बत

लेकिन चीन ने इसके पहले भी इस प्रकार के इस प्रकार के ‘दानवी’ टार्गेट लेकर काम किये हैं. शंघाई को ल्हासा से जोड़ने वाला रेल मार्ग यह इसका उदाहरण हैं. अत्यंत विषम परिस्थिति में वहाँ रेल दौड़ती हैं. चीन की सोच साफ़ हैं. लगभग साठ वर्ष पहले उसने तिब्बत पर हमला कर उसे हथियां तो लिया, लेकिन तिब्बत वासियों की सोच और भावनाएं वह बदल न सका. आज भी तिब्बत वासी अपने आप को चीन का हिस्सा नहीं मानते हैं. इसलिए चीन हान समुदाय के चीनीयों को तिब्बत में बसाना चाहता हैं. ये रेल लाइन इसीलिए बिछाई गई हैं.

चीन का असली मकसद, बीजिंग / शंघाई को सीधे काठमांडू से, रेल के माध्यम से, जोड़ना हैं. यह रेल लाइन चीन का सपना हैं. १९५५ – ६० में तिब्बत हथियाना आसान था. तब दुनिया में जागरूकता कम थी. लेकिन आज ऐसा नहीं हैं. पूरी दुनिया एक दुसरे के साथ जुडी हैं. पारंपरिक मीडिया और सोशल मीडिया सशक्त हैं. ऐसे समय, नेपाल को अपने पंखों में समेटने के लिए चीन, काठमांडू के साथ कनेक्टिविटी मजबूत कर रहा हैं.

China - Nepal Rail Link - 1

चीन की विस्तारवादी नीति किसी से छिपी नहीं हैं. चीन काठमांडू में वामपंथी ताकतों को बल दे रहा हैं, इसलिए वे भी चीन से सीधे जुड़ना चाह रही हैं.

चीन और नेपाल की यह गहराती दोस्ती, भविष्य में हमारे लिए नासूर बनेगी, ऐसे लक्षण दिख रहे हैं..!
– प्रशांत पोल

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Author: प्रशांत पोळ

I am an Engineer by profession. Consultant in Telecom and IT. Interested in Indology, Arts, Literature, Politics and many more. Nationalistic views. Hindutva is my core ideology.

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